Tuesday, 3 December 2013

***इक बूँद ***


रात तुम्हे याद करते हुए
आंसू की एक बूँद गिरी
समन्दर में.... और खो गयी
लोग खोजते हैं उसे , मगर
अब तक मिली नहीं वो
कोई जाओ कह दो उन्हें
मिल जाएगी वो इक बूँद
उस रोज जब ....प्यार
नहीं रह जायेगा मेरे दिल में
तुम्हारे लिए !